शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए B.Ed 1-Year Course को लेकर एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। लगभग एक दशक बाद इस कोर्स की वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय से दो साल की अवधि के कारण कई छात्र B.Ed करने से पीछे हट जाते थे, लेकिन अब एक वर्षीय कोर्स की संभावित शुरुआत से ऐसे छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कम समय और कम खर्च में शिक्षक बनने का सपना पूरा करने के लिए यह कोर्स एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
B.Ed 1-Year Course क्या है
B.Ed 1-Year Course एक प्रोफेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इस कोर्स का उद्देश्य कम समय में उम्मीदवारों को शिक्षण के लिए पूरी तरह तैयार करना है। पहले भारत में B.Ed एक साल का ही होता था, लेकिन बाद में NCTE के दिशा-निर्देशों के चलते इसे दो साल का कर दिया गया। अब शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इस कोर्स को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
कोर्स की खासियत और लाभ
इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें समय की काफी बचत होती है। छात्र जल्दी अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की ओर बढ़ सकते हैं। जिन उम्मीदवारों ने पहले ही किसी विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन कर लिया है, उनके लिए यह कोर्स ज्यादा व्यावहारिक और उपयोगी माना जा रहा है। इससे शिक्षा क्षेत्र में योग्य शिक्षकों की कमी को भी पूरा करने में मदद मिल सकती है।
पात्रता की शर्तें
B.Ed 1-Year Course में दाखिले के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन पास होना जरूरी माना जा रहा है। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त हो सकती है, जबकि आरक्षित वर्ग को इसमें छूट मिलने की संभावना रहती है। कुछ संस्थान इन-सर्विस टीचर्स या शिक्षा क्षेत्र में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता भी दे सकते हैं। पात्रता की शर्तें राज्य और कॉलेज के अनुसार अलग हो सकती हैं।
एडमिशन प्रक्रिया कैसे होगी
एडमिशन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखने की योजना है। अधिकतर कॉलेज मेरिट के आधार पर दाखिला दे सकते हैं, जिसमें उम्मीदवार के शैक्षणिक अंकों को देखा जाएगा। कुछ राज्यों में प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जा सकती है। आवेदन के बाद दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग के जरिए अंतिम चयन किया जाएगा।
फीस कितनी हो सकती है
B.Ed 1-Year Course की अनुमानित फीस इसे और आकर्षक बनाती है। सरकारी कॉलेजों में इसकी फीस लगभग ₹20,000 से ₹25,000 तक रह सकती है। सेमी-गवर्नमेंट संस्थानों में यह ₹25,000 से ₹30,000 के आसपास हो सकती है। प्राइवेट कॉलेजों में फीस थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन फिर भी दो साल के कोर्स की तुलना में यह कम ही मानी जाएगी।
करियर के अवसर
इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र CTET, TET और STET जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाएं दे सकते हैं। इसके अलावा प्राइवेट स्कूल, कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन टीचिंग प्लेटफॉर्म पर भी रोजगार के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। कम समय में कोर्स पूरा होने से करियर ग्रोथ भी जल्दी शुरू हो जाती है।
Disclaimer:
This article is for general informational purposes only. B.Ed 1-Year Course related rules, eligibility, fees, and approvals may change based on official notifications. Candidates are advised to check the latest updates from NCTE, concerned universities, or official college websites before applying for admission.









