कर्मचारी पेंशन स्कीम यानी EPS-95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर लंबे समय से देशभर में चर्चा चल रही है। महंगाई बढ़ने और रोजमर्रा के खर्च महंगे होने के कारण पेंशनर्स को ₹1,000 की मासिक पेंशन में गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी वजह से लाखों रिटायर्ड कर्मचारी और उनके संगठन पेंशन राशि को बढ़ाकर ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं, ताकि सम्मानजनक जीवन जीना संभव हो सके।
EPS-95 स्कीम क्या है और कैसे काम करती है
EPS-95 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंतर्गत आने वाली योजना है, जिसके तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन दी जाती है। इस स्कीम का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलता है जिन्होंने कम से कम 10 साल तक नौकरी के दौरान इसमें योगदान दिया हो। योजना शुरू होने के समय न्यूनतम पेंशन ₹1,000 तय की गई थी, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसमें कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है।
पेंशनर्स की ₹7,500 न्यूनतम पेंशन की मांग
देशभर के पेंशनर्स, ट्रेड यूनियन और वरिष्ठ नागरिक संगठनों का मानना है कि ₹1,000 की पेंशन आज के समय में पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि ₹7,500 प्रति माह की पेंशन से ही दवा, किराया, बिजली और खाने जैसे जरूरी खर्च पूरे हो सकते हैं। इसी मांग को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिए जाते रहे हैं।
सरकार ने संसद में क्या स्पष्ट किया
2 फरवरी 2026 को सरकार ने संसद में साफ किया कि फिलहाल EPS-95 की न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 तक बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार का कहना है कि पेंशन राशि में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से पहले पेंशन फंड की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति और स्कीम की स्थिरता को देखना जरूरी है। बिना पर्याप्त फंडिंग के बड़ी बढ़ोतरी से स्कीम पर संकट आ सकता है।
लेबर मिनिस्ट्री की फंड को लेकर चिंता
श्रम मंत्रालय ने यह भी बताया कि EPS पेंशन फंड पहले से ही वित्तीय दबाव में है। मौजूदा संसाधनों के साथ न तो पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी संभव है और न ही महंगाई भत्ता जोड़ना। मंत्रालय का मानना है कि अगर पेंशन को महंगाई से जोड़ दिया गया या मेडिकल सुविधाएं जोड़ी गईं, तो फंड की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।
फिलहाल पेंशनर्स को क्या उम्मीद रखनी चाहिए
अभी EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह ही बनी हुई है और ₹7,500 की बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि यह मुद्दा लगातार संसद और पेंशनर्स के बीच चर्चा में बना हुआ है। पेंशनर्स को सलाह दी जाती है कि वे EPFO के आधिकारिक माध्यमों से अपडेट लेते रहें और अपने बैंक व व्यक्तिगत विवरण सही रखें, ताकि पेंशन भुगतान में कोई रुकावट न आए।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। EPS-95 पेंशन से जुड़ी किसी भी तरह की बढ़ोतरी, नियम या बदलाव सरकार और EPFO की आधिकारिक अधिसूचना पर निर्भर करेंगे। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना जरूर जांचें।









